महानपुर के मानू इलाके में शुक्रवार को एक कार के करीब 200 फुट गहरी खाई में गिर जाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। तीनों लोग बसोहली में एक ही परिवार के रहने वाले थे। शनिवार को जब एक साथ तीनों की चिता में आग लगाई गई, तो हर किसी का दिल रो उठा। कसबे में शोक के चलते शनिवार को बाजार भी बंद रहा।
गौरतलब है कि शुक्रवार को मानू में हुई कार दुर्घटना में मारे गए पीडब्ल्यूडी के अकाउंट्स अफसर अशोक पाधा, उनकी मांग पुष्पा देवी और साली रंजू देवी की मौत हो गई थी, जबकि तीन बच्चे घायल हो गए थे। शनिवार को तीनों लोगों के अंतिम संस्कार के लिए चिता तैयार की गई, तो उस समय परिवार के दुख को साझा करने के लिए मानो पूरा कसबा ही उमड़ पड़ा हो।
इतना ही नहीं शोक की इस घड़ी में कसबे के दुकानदारों ने भी बाजार बंद रखा। शनिवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पहले रंजू देवी को झील किनारे हादसे में घायल उनके बेटे सिद्धार्थ ने मुखाग्नि दी। शाम करीब चार बजे अशोक पाधा और उनकी मां की चिता को मुखाग्नि दी गई। एक ही दिन में एक परिवार के तीन लोगों की चिता जलने पर कसबे का हर आदमी दुखी था।
अंतिम संस्कार के मौके पर कई लोग फफक-फफक कर रो रहे थे। मृदुभाषी और शांत स्वभाव के अशोक पाधा को श्रद्धांजलि देने के लिए तहसीलदार एसएस जंवाल भी पहुंचे थे।