जैसे-जैसे तापमान का पारा गिर रहा है, वैसे-वैसे शहर में चोरियों का ग्राफ चढ़ रहा है। कड़ाके की ठंड में भी चोरों ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए हैं। पुलिस की जांच पर चोरों की तकनीक भारी पड़ रही है।
वाहनों की चोरियों से लेकर सूने घरों तक को निशाना बनाया जा रहा है। साल के जाते जाते चोरों ने पुलिस थानों का रिकार्ड खराब कर दिया है।
हालांकि पुलिस के उच्च अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं कि चोरियां बढ़ गई हैं, लेकिन पिछले दो हफ्तों के भीतर दो दर्जन से अधिक चोरियां हुई हैं।
पिछले दो दिनों में ही आठ चोरियां हो गईं। चोरों की तकनीक भी पहले से हाईटेक हो गई है। कहीं पर सीसीटीवी फुटेज की हार्डडिस्क चोर चुरा ले जाते हैं तो कहीं पर चोरी किय सामान जमीन के अंदर छुपा देते हैं।
चोरों का एक पढ़ा-लिखा गैंग तक शहर में सक्रिय है। डीआईजी अशकूर वानी का कहना है कि चोरियां होना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सबसे ज्यादा चुनौती सरेआम वाहनों की चोरियां रोकना बना है। तीन से चार लोग वाहन के इर्द-गिर्द घूमते हैं। चाहे भीड़भाड़ वाला इलाका हो वहां से चोरी कर ली जाती है।
सामने वाले को लगता है कि चार लोग वाहन के इर्द-गिर्द हैं तो इन्हीं का वाहन होगा। इसके अलावा वाहनों के टायर भी चुरा ले जाते हैं। वहीं चोरी करने के बाद सामान दूसरे ग्रुप को भेज दिया जाता है, जो दूसरी जगह बेच देता है।
कुछ लोग चोरी सामान रातोंरात ट्रेन से दूसरे राज्यों में पहुंचा देते हैं। छन्नी में चोरों को पकड़ने पर खुलासा हुआ था कि वह चोरी करने के बाद सामान दिल्ली बेच आते थे।
तीन दिन पहले पुरानी मंडी में हुई चोरी से सीसीटीवी फुटेज की हार्डडिस्क चुराने का खुलासा हुआ। सर्कुलर रोड पर वाहन चोरी होने के बाद खुलासा हुआ कि वाहनों को ग्रुप में आए लोगों ने चोरी किया।