शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने दस साल के कठोर कारावास सहित 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू किशोर कुमार ने अपने फैसले में अपराध को जघन्य करार दिया। पीड़िता की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सरकार को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार जम्मू के सुई इलाके के रहने वाले राजिंदर सिंह ने पीड़िता को शादी का झांसा दिया और कई बार उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। बाद में अपने वादे से मुकर कर उसने किसी दूसरी लड़की से शादी करने का प्रयास किया तो पीड़िता ने पुलिस को शिकायत कर दी।
पीड़िता ने शिकायत में कहा कि आरोपी उसे 8 सितंबर 2013 को रात के अंधेरे में खेत में ले गया और शादी नहीं करने की बात कहकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कहा कि दुष्कर्म न सिर्फ शारीरिक, बल्कि उम्र भर के लिए मानसिक घाव भी देता है। कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाने के साथ ही जम्मू कश्मीर की विक्टिम कंपनसेशन स्कीम को आधार बनाकर सरकार से कहा कि वह एक महीने के भीतर एक लाख रुपये का मुआवजा राशि पीड़िता को मुहैया करवाए।