अगर किरायेदारों की सूची पुलिस थाने में मुहैया नहीं करवाई तो मकान मालिकों पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
अपराध को रोकने के लिए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। कुछ माह पहले किरायदारों की पड़ताल शुरू की गई थी लेकिन बीच में किसी कारणवश यह कार्य अधर में लटक गया।
अब दोबारा से पुलिस की ओर से किरायेदारों की सूची तैयार की जा रही है, जिसमें पुलिस ने मकान मालिकों को संबंधित पुलिस चौकी आकर किरायदारों की जानकारी देने के लिए कहा है।
ऐसा न करने पर मकान मालिकों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने अब तक तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक शहर के बहुत सारे इलाकों में लोग अपने घरों में कमरे किराये पर दे देते हैं लेकिन उनकी जानकारी सिर्फ अपने पास ही रखते हैं।
शहर में कोई आपराधिक घटना हो जाती है और अपराध में शामिल आदमी किसी के घर में किराये पर रह रहा होता है। घटना के बाद फरार होने पर उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में मकान मालिकों को कई परेशानियां हो जाती हैं और कई पचड़ों में फंस जाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए मकान मालिकों को पुलिस ने हिदायतें दी हैं कि अपने किरायेदारों की सूचना नाम, पता, आदि दें।