हत्या के प्रयास के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे दो सगे भाइयों को कठुआ के प्रिंसिपल सेशन जज विनोद चटर्जी कौल ने दस साल की सजा सुनाई है। कठुआ के वार्ड 15 में रहने वाले रवि कुमार उर्फ राजा और लवली कुमार पर अदालत ने छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस केस के अनुसार 26 जून, 2009 को विजय कुमार ने लिखित शिकायत की कि उनका भाई राजन कुमार रात लगभग 10:30 बजे घर की ओर जा रहा था। घर के करीब ही रवि कुमार, लवली कुमार, रेवा रानी और पुष्पा देवी ने तलवारों और हथियारों से उस पर हमला कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
किसी तरह राजन उनके चुंगल से निकलकर घर पहुंचा और भाई को सारी बात बताई। दोनों भाई कठुआ थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। उसके बाद घायल को कठुआ अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उसे जीएमसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया और जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि अभियोजन आरोपी भाइयों के खिलाफ लगी धारा 307, 347 और आर्म्स एक्ट के आरोपों को साबित करने में सफल रहा। हालांकि आरोपी रेवा रानी और पुष्पा देवी के खिलाफ लगे आरोप साबित नहीं हो सके।
आरोपी रवि कुमार और लवली कुमार बेल पर चल रहे थे और अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें हिरासत में लेने के आदेश भी दिए। दोनों भाइयों को दस-दस साल की सजा सुनाने के अलावा अदालत ने उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने धारा 341 के तहत दोनों भाइयों को एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
जेएनएफ