श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पतंगबाजी के शौकीनों की ओर से शनिवार की सुबह से ही पतंगें उड़ानी शुरू कर दी गई, लेकिन इस दौरान बिक्रम चौक पर ड्यूटी पर तैनात हवलदार चाइना डोर का शिकार बन गया। चाइना डोर उसके गले के साथ इस कद्र रगड़ी कि हवलदार खून से लथपथ हो गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
साथ में तैनात दूसरे साथी ने इसकी जानकारी अपने से उच्च अफसरों को दी तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर हवलदार को संभाला और जीएमसी पहुंचाया। जहां पीड़ित का आपरेशन होने के बाद उसकी हालत में थोड़ा सुधार आया।
जानकारी के मुताबिक बाड़ी ब्राह्मणा निवासी बिक्रम सिंह शनिवार को बिक्रम चौक नाके पर तैनात था। करीब साढ़े सात बजे चाइना डोर उसके गले से आकर लगी और जोर से खिंचते हुए गला काट दिया।
बिक्रम सिंह अपना गला पकड़कर जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज भी दबती जा रही थी। तभी उसने जेब से रुमाल निकाला और गले के घाव वाले हिस्से पर रखा, लेकिन खून इतनी तेजी के साथ बह रहा था कि बिक्रम सिंह की सारी वर्दी खून से लथपथ हो गई।
सूचना मिलते ही नेहरू मार्केट चौकी के इंचार्ज सुमित मंगोत्रा ने तुरंत घायल बिक्रम को अस्पताल पहुंचाया। वहां हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने उसका आपरेशन किया। फिलहाल हालत में सुधार बताया जा रहा है।
वहीं पूरन नगर में चाइना डोर की चपेट में आने से एक बच्चे का अंगूठा कट गया। अंगूठे का काफी हिस्सा लटक सा गया था। घाव काफी गहरा होने के चलते बच्चे की रो-रोकर बुरी हालत हो रही थी। डाक्टरों ने पूरन नगर निवासी कुलजीत के अंगूठे को बड़ी गंभीरता के साथ देखा इलाज करके पट्टी कर दी।