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स्कॉलरशिप के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा

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केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दलित छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। फरीदाबाद और पलवल के 578 बच्चों के नाम पर पूरा खेल हुआ है।
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इनमें से अधिकांश छात्रों का जम्मू-कश्मीर के संस्थानों में दाखिला दिखाया गया है। जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा है। इस फर्जीवाड़े में सत्ता पार्टी से जुड़े लोगों के नाम आ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, फर्जीवाड़ा करने वालों ने ग्रामीण क्षेत्रों के उन छात्रों की सूची तैयार की, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की है। किसी तरह से उन छात्रों के कागजात और फोटो हासिल कर लिए। उन्हीं छात्रों के नाम से स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म भरकर आवेदन किया।
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खास बात यह है कि फॉर्म के साथ दूरदराज के संस्थानों का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर उनका दाखिला उच्च शिक्षा में दिखा दिया गया। छात्रों के बैंक खाते खुलवाकर उनमें स्कॉलरशिप के पैसे मंगा लिए गए और उन्हें निकाल भी लिया गया है। अब तक 2 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आ चुका है।

जम्मू-कश्मीर में दिखाया दाखिला

‘अमर उजाला’ के हाथ लगे दस्तावेज में पलवल के दस छात्रों का दाखिला जम्मू-कश्मीर के कठुआ में स्थित पंचशील इंस्टीट्यूट ऑफ ऐलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग, हाटली मोह रिसर्च इंस्टीट्यूट और भारत कॉलेज ऑफ एजुकेशन नेशनल हाईवे कठुआ में दिखाया गया है।

इन संस्थानों में लीखी होडल निवासी रवींद्र, खेल्लुका निवासी नरेन्द्र, पेंगलतू निवासी मीरा कुमारी, रामधन, नरेंद्र, दुर्गापुर निवासी सतवीर, मीट मार्केट पलवल निवासी ब्रहमजीत, बढ़ा होडल निवासी विक्रम, सिहौल निवासी महावीर सिंह व सुरेखा को उच्च शिक्षा ग्रहण करते हुए दिखाया गया है।

संदेह होने पर जब जांच कमेटी ने उक्त संस्थानों से छात्रों का विवरण मांगा, तो संस्थानों ने ईमेल के जरिये उक्त छात्रों का दाखिला उनके संस्थान में होने से इनकार किया।

जांच टीम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के 275 संस्थानों की जांच की जानी है, जिनमें छात्रों का दाखिला दिखाया गया है। यह संस्थान पूरे देश में होने की बात कही जा रही है।
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578 छात्रों के नाम संदेह के घेरे में

फरीदाबाद, मेवात और पलवल जिले के 578 छात्रों के नाम संदेह के घेरे में हैं। इनमें पलवल के 219, होडल के 234, हसनपुर के 62, हथीन के 26, पृथला के 9, फरीदाबाद के 11 तथा मेवात के 17 छात्र हैं।

समाज कल्याण विभाग के  माध्यम से मिलने वाली स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़ा होने की संभावना है, जिसमें 578 छात्रों के नाम संदेह के घेरे में हैं।

अभी तक की जांच में पलवल के 10 छात्रों का नाम सामने आ चुका है, जिन्होंने शपथ पत्र देकर कहा है कि उन्होंने न तो कभी छात्रवृत्ति के लिए फॉर्म भरा है और न ही वह कहीं से पढ़ाई कर रहे हैं।

इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।-दिनेश यादव, अतिरिक्त उपायुक्त, फरीदाबाद
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