एक 75 साल की बुजुर्ग के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने दस साल की कठोर सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस केस के अनुसार 28 मई 2011 को बिहार निवासी पीडि़त बुजुर्ग अपने परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटी थी।
इसी दौरान वह अपने परिवार से बिछुड़ गई। काफी समय तक परिवार वालों की तलाश करने के बाद भी जब वह नहीं मिले तो बुजुर्ग महिला ने अज्ञात व्यक्ति (आरोपी) को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का आग्रह किया ताकि वहां से ट्रेन पकड़ कर बिहार चली जाए। आरोपी ने बुजुर्ग को रेलवे स्टेशन पहुंचाने का आश्वासन देने के साथ उसे अपने साथ ले लिया।
वह बुजुर्ग को रेलवे स्टेशन ले जाने की बजाए किसी अज्ञात स्थान पर झाडि़यों के पीछे ले गया और उनके साथ बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। महिला किसी तरह थाने पहुंची और अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। पुलिस ने पीडि़ता के बयान पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे जघन्य अपराध बताते हुए समाज के लिए नुकसानदेह बताया। अदालत ने तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दस साल की कैद की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया और जुर्माने की राशि पीडि़ता को सौंपने को कहा।
जेएनएफ