फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी किशोर कुमार ने बलात्कार के आरोपी बीएसएफ कर्मी की जमानत की अर्जी को रद्द कर दिया। पुलिस के अनुसार सात अगस्त, 2016 को पीड़ित लड़की ने अपनी मां के साथ मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह उधमपुर जिले के दूरदराज क्षेत्र की निवासी है और जम्मू में पढ़ने आई है। प्राइवेट नौकरी भी करती है।
पहले वह बाग-ए-बाहु क्षेत्र में किराए के मकान में रहती थी। वहां पर बीएसएफ में काम करने वाला मुकेश भी रहता था। वह लगातार उसका पीछा करता था और शादी करने की बात करता था। डर के कारण बाग-ए-बाहु क्षेत्र से लड़की ने अपना कमरा बदल दिया और पटोली मोड़ आ गई।
एक दिन तीन अगस्त को मुकेश दोपहर दो बजे के करीब पटोली में उसके कमरे में आया। उस समय वह कमरे में अकेली थी। जबरन उसे पकड़ा और बलात्कार किया। इसकी जानकारी उसने अपनी मां को दी और दोनों पुलिस थाने पहुंचे।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में लिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी रद्द कर दी।