देसी शराब निकालने वाली महिलाओं पर नकेल कसने की आबकारी विभाग ने तैयारी कर ली है। खासकर उन जिलों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की गई है, जहां शराब निकालने में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।
हालांकि पिछले काफी समय से देसी शराब निकालने वाले कम हुए हैं, लेकिन विभाग इसे जीरो लेबल पर ले जाने की सोच रहा है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए महिला स्टाफ की कमी को पूरी करने की कवायद शुरू की गई है।
हर एक जिले में महिला स्टाफ और अधिकारी नियुक्त करने पर प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसको मंजूरी देने के लिए उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। पहाड़ी जिलों में देसी शराब निकालने में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।
महिलाओं की आढ़ में पुरुष इस धंधे को चला रहे हैं। देखा गया है कि जब कभी आबकारी विभाग की छापेमारी हो तो पुरुष वहां से भाग निकलते हैं और अपनी पत्नियों को आगे कर देते हैं।
तब विभाग को कार्रवाई करने में दिक्कत होती है, क्योंकि महिला स्टाफ की वजह से हिचकिचाहट होती है। जब तक विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी कुछ कर पाएं, तब तक अपराधी महिलाएं वहां से भाग निकलती हैं। इसी की आड़ में देसी शराब का धंधा चलाया जा रहा है।