रिश्वत लेने के दौरान रंगे हाथ गिरफ्तार होने वाले कमरवाड़ी पुलिस पोस्ट के तत्कालीन हेड कांस्टेबल अली मोहम्मद माग्रे को दोषी करार देते हुए भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज (श्रीनगर) वाईपी बर्नी ने एक साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
विजिलेंस आर्गनाइजेशन कश्मीर को शिकायत मिली थी कि उक्त आरोपी किसी मामले में रिश्वत की मांग कर रहा है। उसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप टीम बनाई और आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी करने के बाद विजिलेंस ने 24 जुलाई, 2006 को भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज की अदालत में चालान पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने पाया कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ लगे सबूतों को साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने पीसी एक्ट के तहत आरोपी को एक साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
इसके अलावा आरपीसी की धारा 161 के तहत छह माह की सजा भी सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। चूंकि आरोपी जमानत पर था, इसलिए अदालत के फैसले के बाद उसे तत्काल हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल श्रीनगर भेज दिया गया।