गैंगस्टार सन्नी बाबा का मोबाइल फोन ही उसकी गिरफ्तारी का सबब बन गया। पुलिस टीम लगातार उसके मोबाइल फोन को ट्रेस कर रही थी। पहले तो उसकी लोकेशन हिमाचल प्रदेश के बद्दी में मिली, लेकिन कुछ दिन पहले उसका मोबाइल पठानकोट के आसपास मिलने लगा।
यह सारा तानाबाना गांधी नगर के एसएचओ बिशनेश ने बूना और सन्नी के ट्रेस होने के बाद उन्हें ही उसे गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि पठानकोट में जिस स्थान पर सन्नी रह रहा था, पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया। पुलिस ने फिर उसके मोबाइल से ट्रेस किया कि वह लखनपुर टोल प्लाजा के आसपास है।
बकौल एसएसपी उत्तम चंद लखनपुर में सन्नी ने लखनपुर के पास भीड़भाड़ वाले स्थान से पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की थी, लेकिन टीम ने उसे और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। ऐसी चर्चा है कि फरारी के बाद सन्नी बाबा को किसी राजनीतिक नेता ने पठानकोट में पनाह दी थी।
एसएसपी से जब पूछा गया तो उन्होंने इससे इंकार किया। उन्होंने कहा कि आरंभिक जांच में ऐसी बात सामने नहीं आई है, लेकिन यदि किसी ने पनाह दी है तो कार्रवाई होगी। सन्नी बाबा के पठानकोट में होने की जानकारी मिलने के बाद जेएंडके पुलिस ने पंजाब पुलिस से संपर्क किया था। ताकि उनकी मदद ली जा सके।
लेकिन वह उसके पहले ही पुलिस के घेरे में फंस गया। सन्नी बाबा को भागने में मदद करने वाले पुलिसकर्मी भी नपेंगे। एसएसपी उत्तम चंद ने कहा कि प्रथम दृष्टया में ड्यूटी की लापरवाही का मामला पुलिसकर्मियों पर बना है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।
सन्नी बाबा से पूछताछ में यदि किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सन्नी बाबा का आपराधिक रिकार्ड देखा जाए तो उसके खिलाफ जम्मू के अलावा सांबा जिले के कुल आठ थानों में 14 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट जैसी धाराएं लगी हैं।