आठ करोड़ रुपये में उल्का पिंड हासिल करने के धोखाधड़ी मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों से एक करोड़ रुपये रिकवर किए। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है और स्थानीय व्यापारी को लालच देकर करोड़ों रुपये लाभ के नाम पर आठ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
क्राइम ब्रांच के केस अनुसार वेंकटा कृष्णा मदुगुला निवासी सिकंदराबाद और संदीप सिंह राना निवासी डोडा ने धोखाधड़ी की है। इन दोनों को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया। राज कुमार निवासी गांधीनगर ने क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत कराई और कहा एक गैंग उल्का पिंड देने के नाम से उससे धोखाधड़ी कर गया है।
इस गैंग ने कहा कि उल्का पिंड दिलवाएंगे। जिसका उपयोग नासा में स्पेस के वैज्ञानिक और डिफेंस रिसर्च डिपार्टमेंट आर्गेनाइजेशन करते हैं। मार्केट में इसकी कीमत करोड़ाें रुपये है। उससे आठ करोड़ रुपये ले लिए गए। जो विभिन्न लोगों के बैंक खाते में गए। इस पूरे मामले में किंगपिन वेंकटा कृष्णा मदुगुला है।
इस धातु की रिपोर्ट देने के लिए शिकायतकर्ता से तीन करोड़ रुपये ले लिए। क्राइम ब्रांच ने डेढ़ लाख रुपये और एक लाइसेंसी पिस्तौैल भी बरामद किया। राना से भी धोखाधड़ी से अर्जित की गई राशि को बरामद किया गया। मदुगुला ने सीजेएम कोर्ट में जमानत की अर्जी भी पेश की थी।
इस जमानत की अर्जी को कोर्ट ने रद्द कर दिया। इस मामले में आठ लोग आरोपी हैं। उनकी तलाश अभी जारी है, जबकि केस की जांच भी लगभग पूरी कर ली गई है। मदुगुला और राना ने करीब एक करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए हैं। अन्य राशि की रिकवरी भी जारी है। आईजी क्राइम ब्रांच मुनीर खान के अनुुसार अगले कुछ दिनों में बकाया राशि को भी बरामद कर लिया जाएगा।