जम्मू से कुछ दूरी पर पर स्थित उधमुपर शहर की एक चाय दुकान पर सरेशाम व्यापारी को गोली मारने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शुरूआती जांच में बताया जा रहा था कि तीन बदमाशों ने गोली चलाई थी लेकिन अब पुलिस की कहानी में नया मोड़ आ गया है। पुलिस का दावा है कि हमले में दो ही हमलावर थे।
पकड़े गए हमलावरों से उस रिवल्वर को भी जब्त कर लिया गया है, जिससे गोलियां चलाई गई थी। प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी सुलेमान चौधरी बताया कि गोलीकांड के दोनों आरोपियों सुशांत शर्मा और कपिल पाबा को पकड़ लिया गया है।
लड़की से छेड़छाड़ का मामला नहीं: पुलिस
दोनों को उधमपुर और जम्मू के बार्डर लाइन पर गुप्त ठिकाने से पकड़ा गया है। व्यापारी रॉकी को गोली प्रापर्टी के विवाद में ही मारी गई। इस मामले में एसएसपी ने पुलिस ने किसी लड़की से छेड़छाड़ का विवाद होने से इनकार किया है।
बताया किआरोपियों से पूछताछ जारी है। एसएसपी सुलेमान के मुताबिक धार रोड स्थित चाय की दुकान पर व्यवसायी रॉकी गुप्ता पर गोलियां चलाने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है।
गुरूवार की शाम साढ़े सात बजे के करीब दोनों नैनो कार में सवार होकर आए थे। गोली चलाने के बाद नैनो कार को नजदीक ही खड़ा कर गलियों से होकर फरार हो गए थे। रात के समय अचानक बिजली बंद होने के कारण आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था।
दोनों उधमपुर से बाहर चले गए थे
दोनों लगातार छिपे फिर रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों उधमपुर से बाहर चले गए हैं। एसएसपी ने बताया कि सुशांत का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। एसएसपी के मुताबिक रिवाल्वर से गोलियां सुशांत ने ही चलाई थी।
कपिल उसके साथ था। इस मामले में स्कार्पियो के उपयोग और तीन लोगों के होने की चर्चाओं की एसएसपी ने पुष्टि नहीं की। उनके अनुसार एसएचओ महेश शर्मा और अन्य अधिकारियों ने पुख्ता जानकारी मिलने पर उन्हें दबोच लिया।
उधर, सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इन दोनों को सोमवार रात को ही पकड़ लिया था, लेकिन रिवाल्वर नहीं मिलने के कारण पुलिस ने इनके पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की थी।
एसएसपी ने बताया रिवाल्वर लाइसेंसी है या गैर लाइसेंसी इसकी जांच की जा रही है। इस मामले में कुछ और लोगों के शामिल होने की संभावनाओं से भी एसएसपी ने इनकार नहीं किया।
दोस्त से संपर्क करके फंसे दोनों
आरोपियों ने उधमपुर में अपने करीबी दोस्त से फोन से संपर्क किया, जिससे पुलिस को दोनों के लोकेशन की जानकारी मिल गई। पुलिस ने कंप्यूटर में शहर का पूरा खाका बनाया और मोबाइल ट्रैकिंग से आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के छिपने की लगातार जानकारी मिल रही थी, जिसके कारण केस को कुछ दिनों में ही हल कर लिया गया। एक आरोपी राष्ट्रीय राजनीतिक दल का सदस्य भी बताया जा रहा है।
सरेंडर और आरोपियों के पकड़े जाने में राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाओं को पुलिस ने अफवाह बताया।