जम्मू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग को अपहृत कर बलात्कार करने के आरोपी रिंकू कुमार निवासी बिश्नाह को 13 साल कारावास और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस केस के अनुसार सात मई 2013 को सुबह करीब सवा 11 बजे आरोपी ने लड़की को अगवा किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी हक नवाज जरगर ने एडवोकेट कुमार और एडिशनल एडवोकेट जनरल सुरेखा भट की दलीलों के बाद पाया कि रिंकु कुमार ने अपराध किया है और लड़की मानसिक रूप से प्रभावित हुई है।
अगर दोषी ने जुर्माना की रकम को अदा नहीं की तो उसे तीन महीने और कैद काटनी होगी। कोर्ट ने पाया जम्मू-कश्मीर पीड़ित मुआवजा योजना वर्ष 2013 में लागू हुई है। सरकार ने भी अध्यादेश जारी किया था। इस कानून के तहत पीड़ित को तीन लाख रुपये का मुआवजा भी दिया जाएगा। चेयरमैन स्टेट लीगल सर्विस कमेटी के सचिव और जिला चैयरमेन को भी आदेश दिया कि वह मुआवजा की रकम देने के लिए आदेश जारी करे।
पुलिस केस अनुसार सात मई 2013 को लड़की गेट पर खड़ी थी। उसके मुंह को दबा दिया गया था। विरोध जताया तो आरोपी ने उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी। लड़की को वह गांव लंगोटिया ले गया। वहां उसे पूरी रात रखा। इसके बाद सुबह चार बजे सतवारी ले गया और गाड़ी से ललिहाल गांव ले गया। वहां उसने बलात्कार किया। लड़की को पांच दिन एक कमरे में बंद रखा।
पुलिस ने मामला दर्ज करके रिंकू कुमार को पकड़ लिया। लड़की को ललहाल गांव से बरामद किया और धारा 164-ए के तहत मामला दर्ज कर मेडिकल कराया। डाक्टरों ने लड़की उम्र 16 साल के करीब बताई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।