भूमि घोटाले में विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन (निवासी बटमालू, श्रीनगर) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरोप है कि राजस्व रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई और फर्जी रिकार्ड तैयार कर उन्हें लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मंत्री के साथ राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है।
मोहिउद्दीन वर्ष 2002 में मुफ्ती मोहम्मद सईद और फिर 2009 में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्री रहे हैं। विजिलेंस ने राजस्व अधिकारी अतिकुल्लाह शाह (कुलगाम) और अन्य अधिकारियोें के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
विजिलेंस के अनुसार समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘मंत्री ने शोपियां में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किया’ पर मामले की जांच की। इसमें पाया गया कि 18 कनाल 3 मरला जमीन के रिकार्ड में राजस्व विभाग के क्लर्क अतिकुल्लाह ने तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर कर रिकार्ड से छेड़छाड़ की और पूर्व मंत्री को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
वन विभाग की जमीन को अवैध रूप से एग्रेरियन रिफार्म्स एक्ट की धारा 4, 8, 21 में दिखाया गया। विजिलेंस के अनुसार ताम मोहिउद्दीन को लाभ पहुंचने के लिए उक्त जमीन की लेवी रशीद या जमा फीस के कागजात के बिना फर्जी तरीके से रिकार्ड बनाया गया।
विजिलेंस ने जांच में उक्त एंट्री फर्जी पाई। उक्त रिकार्ड में कई बार छेड़छाड़ की गई और ओवरराइट किया गया। रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ आरपीसी की धारा 468, 471, 120-बी और पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।