पद का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी ढंग से 15 कनाल 10 मरला जमीन स्थानांतरित करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के मामले में विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने राजस्व विभाग के पट्टन तहसील के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
उक्त जमीन मलमोहा गांव के निवासी शंभू नाथ की जमीन थी, जिसमें घोटाला किया गया। शिकायत के आधार पर जांच करने पर विजिलेंस को पता चला कि राजस्व अधिकारियों ने रिकार्ड में उक्त जमीन का कब्जा किरायेदारों के नाम लिखा और जमाबंदी के टेनेंट्स कालम में ‘खुदखश्त’ को ‘बा-काशकथ’ के रूप में दर्शाया।
इस तरह जमीन का कब्जा किराएदार के हक में कर दिया। राजस्व रिकार्ड के आधार पर एग्रेरियन लैंड रिफार्म एक्ट के सेक्शन चार के तहत फर्जी परिवर्तन किया गया और पट्टन के तत्कालीन नायब तहसीलदार अब्दुल हमीद और पटवारी मोहम्मद यासीन ने चार अगस्त 2003 को एएलआर के सेक्शन आठ के तहत एक अन्य फर्जी परिवर्तन किया।
मलमोहा के तत्कालीन हलका पटवारी गुलाम नबी शाह ने गैरकानूनी ढंग से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उक्त जमीन गांव मालाबुचन निवासी गुलाम हसन सौफी, अकबर सौफी और अहमद सौफी (सभी पुत्र जवाब सौफी) के नाम हस्तांतरित कर दी।
जांच में पता चला कि राजस्व विभाग के आरोपी अधिकारियों ने उपरोक्त उल्लिखित अधिनियमों की चूक की और लाभार्थियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया जेएंडके पीसी एक्ट 2008 और आरपीसी की धारा 420, 467, 471, और 120-बी के तहत आरोप स्थापित होते हैं। विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।