सार्वजनिक तालाब की जमीन पर भूमाफिया के कब्जा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तालाब की जमीन पर कब्जा करने वालों ने सड़क तक बना डाली, ताकि निजी कालोनी तक रास्ता बन सके। मामला गरमाने के बाद एसडीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि न्याय न मिला तो राज्यपाल से शिकायत की जाएगी। रायां मोड़ के पास रांडा दी छपड़ी में कई दशक पहले एक महिला ने जमीन खरीद अपने पति के नाम पर तालाब बनवाया था। चंदन नगर निवासी व रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी डीएन शर्मा ने बताया कि 40 कनाल जमीन वाले इस तालाब पर सात-आठ साल पहले भूमाफिया की नजर पड़ी।
उन्होंने कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर वर्ष 2009 में वहां दो दुकानें बना लीं। गांव वालों ने इसकी शिकायत डीसी तक से की, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इसके बाद तालाब के पीछे एक नई कालोनी बनी और प्राइवेट बिल्डर ने तालाब की जमीन पर सड़क बना डाली।
पिछले दिनों एसडीएम विजयपुर से जब इस संबंध में सारे रिकार्ड के साथ शिकायत की गई, तो उन्होंने मामले की जांच इलाके के तहसीलदार को सौंपी।
मामले की जांच के लिए तहसीलदार ने सात फरवरी को पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया, जिसमें नायब तहसीलदार महेश चंद, गिरदावर तीर्थ राम और पटवारी संदीप सिंह, सलीम मोहम्मद और नेक मोहम्मद को शामिल किया गया है जो जांच पूरी कर तहसीलदार को सौंपेंगे।