दशमेश नगर इलाके में शनिवार को एक छात्रा ने सिर्फ इस वजह से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली कि उसका एयरफोर्स में चयन होना मुश्किल हो गया था। चयन के लिए उसे बारहवीं कक्षा में 85 फीसदी अंक चाहिए थे, वह 77 फीसदी ही आए थे। मां-बाप का सपना पूरा करने में खुद को असमर्थ महसूस करते हुए ही शायद छात्रा ने फंदा लगा लिया।
पुलिस ने दशमेश नगर निवासी तनमीत के शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृह में भेज दिया है। इसके साथ ही मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। तनमीत अपनी मां और मामों के साये में दशमेश में रह रही थी। तनमीत के सिर से पिता का साया पहले ही छिन चुका था। पिता ठेकेदार थे, अब तनमीत के मामों ने उसके पिता का काम संभाला था। परिवार का खर्च भी वही चला रहे थे। तनमीत की छोटी बहन भी है, जो कि अभी स्कूल में पढ़ाई कर रही है।
दो माह पहले ही दशमेश नगर में उन्होंने अपना नया घर बनाया था। बताया जा रहा है कि तनमीत पढ़ाई में काफी तेज थी। बारहवीं कक्षा में उसके 77 फीसदी अंक आए थे, लेकिन एयरफोर्स में सेलेक्शन के लिए उसे 85 फीसदी अंक चाहिए थे, काफी प्रयास करने और कड़ी मेहनत के बाद भी जब तनमीत ने खुद को चयन के लिए असफल पाया तो शायद ऐसा कदम उठा लिया और फंदा लगा लिया। तनमीत की मौत से परिवार के लोग गम में डूबे हैं।