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जेल से रिहा हुए पूर्व एसपी

Sun, 11 Oct 2015 11:34 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
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पीएसआई अजय गुप्ता की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट से उम्रकैद की सजा पाने वाले तत्कालीन एसपी सेवक सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी।
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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे चेलामेश्वरम और जस्टिस अभय मैमफार साप्रे की खंडपीठ ने एडवोकेट सुमित सिंह सोमारिया की दलील सुनने के बाद पाया कि हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए सेवक सिंह ने जेल में 15 साल दो माह बिता दिए हैं।

खंडपीठ ने द्वितीय सत्र अतिरिक्त न्यायाधीश जम्मू की जमानत पर संतुष्टि के बाद बेल मिली। अभियोजन के अनुसार पीएसआई की हत्या एक सुनियोजित योजना के तहत हुई और घटना के पहले मृतक और दोषी के बीच विवाद हुआ था, जबकि आरोपी बाद में उसकी हत्या के केस को एनकाउंटर में तब्दील करने में सफल रहा था।
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13 अक्तूबर, 1998 में हुई घटना में इंचार्ज एसपी सेवक सिंह की रिपोर्ट पर सूरनकोट के तत्कालीन एसएचओ जगजीत सिंह ने हत्या व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार पीएसआई अजय गुप्ता अपने ड्राइवर मोहम्मद अकरम, कांस्टेबल सतपाल सिंह और अब्दुल रजाक के साथ पेट्रोलिंग से लौट रहे थे।

इसी दौरान आतंकी हमले में पीएसआई की मौत हो गई। एसएचओ छुट्टी पर चले गए और जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर वीपी सम्याल को सौंपी गई। केस की जांच बाद में क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, जिसमें खुलासा हुआ कि पीएसआई की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई।

अगस्त 1998 में एसपी और पीएसआई के बीच बहस हुई थी और दोनों ने एक-दूसरे को मारने की धमकी दी थी। घटना के दिन एसपी के दोस्त ठेकेदार अब्दुल खालिक को घर छोड़कर लौटने के क्रम में पीएसआई जिप्सी में आगे बैठे थे। इसी दौरान जिप्सी में एक फायर हुआ।
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उनके पीछे बैठे सतपाल सिंह ने हवा में कई फायर किए। साथी पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस रिकार्ड में इसे एनकाउंटर बताया गया, जबकि गलत एफआईआर दर्ज की गई थी।
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