जम्मू कश्मीर में उमर सरकार में स्वास्थ मंत्री रहे शब्बीर अहमद खान पर महिला डाक्टर के साथ यौन शोषण का मामला कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना की कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला चलाने के लिए पुख्ता सबुत मौजूद हैं।
बुधवार को श्रीनगर में चीफ जस्टिस मेजिस्ट्रेट बीएस भुऊ ने कहा, प्रथम द़ष्टया नेता के खिलाफ धारा 354, 509 आरपीसी के तहत मामला बनता है और उनके खिलाफ इससे जुड़े सबुत भी मौजूद हैं।
महिला डाक्टर ने आरोप लगाया था कि पिछले साल 28 जनवरी को स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने किसी काम से उसे अपने ऑफिस बुलाया था। महिला डॉक्टर का कहना है कि शब्बीर खान के दफ्तर से बताया गया था कि उसके हॉस्पिटल के दौरे के समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा की गई घोषणाओं के बारे में जानना चाहते थे।
जब वह सचिवालय पहुंची तो खान ने उन्हें एक अलग केबिन में बैठने को कहा। जब मंत्री उस केबिन में आए तो उन्होंने उस डॉक्टर से छेड़छाड़ का प्रयास किया। किसी तरह वह सचिवालय से बाहर निकलीं।
अगर राजौरी के पूर्व विधायक पर मामला सिद्ध हो जाता है तो इन धारों के तहत पांच साल की सजा हो सकती है। इस मामले में हाईकोर्ट की कश्मीर विंग के जस्टिस जनक राज कोतवाल की अदालत ने 18 फरवरी तक राज्य मंत्री को गिरफ्तारी पूर्व अंतरिम जमानत दी थी। चूंकि इस मामले में गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी किए जा चुके थे, इसलिए हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री को जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है।