तीन दिन पहले लापता हुए शहर के दस्सल क्षेत्र के निवासी चालक का शव मिलने के बाद कई सच सामने आने लगे हैं। पुलिस द्वारा प्राथमिक जांच-पड़ताल में सामने आया है कि एक विवाहिता महिला के साथ विवाहेतर प्रेम प्रसंग चालक की मौत का कारण बना है। उधर, पुलिस ने आरोपी महिला शाहिदा अख्तर व उसके दो भाइयों खादम हुसैन और मोहम्मद असगर के खिलाफ आरपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक मारे गए चालक का एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। महिला का पति विदेश में काम करता है। पहले भी कई बार चालक को महिला के भाई समझा चुके थे। मंगलवार की देर रात करीब नौ बजे महिला के दो भाइयों ने उसके घर उस समय दस्तक दे दी, जब महिला व उसका प्रेमी चालक रंगरलियां मना रहे थे। अपनी विवाहिता बहन को रंगे हाथों किसी गैर मर्द के साथ पकड़ने पर वे आपा खो बैठे। भाइयों ने तेजधार हथियार से हमला कर उसे मार डाला और उसके शव को वहां से दूर चिंगस के नगून जंगल में फेंक दिया।
पुलिस पार्टी ने की देर रात करीब नौ बजे चालक के शव को जंगल से बरामद कर जिला अस्पताल में लाया और शुक्रवार को पोस्टर्माटम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया गया। वहीं, परिवारवालों ने शव को जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नगेश पुल पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि वह मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दें व नकद राशि दें। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और उनका पालन पोषण करने वाला अब कोई नहीं है।
करीब चार घंटे प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे डीसी व एसएसपी ने प्रदर्शन कर रहे मारे गए चालक के घरवालों को समझाया कि हत्या के मामले में राहत राशि देना या नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द हत्या के आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा कुछ भी उनके हाथ में नहीं है।