बख्शीनगर के एक होटल के कमरे में मृत मिले डाक्टर के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक के जीजा देवेंद्र कुमार ने शवगृह के बाहर पुलिस को बताया कि प्रदीप ने मरने से पहले वाट्सएप पर अपनी प्रेमिका को दोनों के एक साथ खिंचे फोटो और सुसाइड नोट भेजकर अपना इरादा बता दिया था, लेकिन उसने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
देवेंद्र ने पुलिस को यह भी बताया कि प्रदीप ने जम्मू में अपने डाक्टर दोस्तों के बीच सुसाइड नोट प्रेमिका को भेजने के साथ-साथ वायरल कर दिया था, लेकिन इससे पहले कि कोई माजरा समझ पाता काफी देर हो चुकी थी।
जीएमसी चौकी प्रभारी दीपक कटोच का मानना है कि अगर कोई भी व्यक्ति एक बार वायरल हुए सुसाइड नोट का जिक्र कर देता तो शायद प्रदीप की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मृतक के पिता नेत्र कुमार ने अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार उसकी प्रेमिका को ठहराया और सख्त सजा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने टपियाल, घगवाल (सांबा) निवासी डा. प्रदीप कुमार के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। इस संबंध में धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रेमिका के कहने पर तोड़ी थी सगाई
बेटे को खोने के बाद खुद को लुटा हुआ महसूस कर रहे पिता नेत्र कुमार बुरी तरह टूट चुके हैं। आंखों में आंसू भरे पिता ने बताया कि प्रदीप बड़ा डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता था। नेत्र कुमार आर्मी से रिटायर्ड हैं और मौजूदा समय में वह डीएसई में सर्विस कर रहे हैं। प्रदीप का छोटा भाई इंजीनियर है।
पिता ने बताया कि प्रदीप की सगाई बड़ी धूमधाम के साथ की गई थी। शादी की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था, लेकिन इसी बीच अंबाला की रहने वाली प्रेमिका (जो खुद भी डाक्टर है) द्वारा प्रदीप पर शादी के लिए दबाव बनाया जाने लगा था। इस बात का जिक्र प्रदीप ने एक बार उनके साथ भी किया था, तब उन्होंने उसे सगाई तोड़ने को गलत बताया था, लेकिन बाद में बेटे ने प्रेमिका के दबाव में आकर सगाई तोड़ दी।
फिर प्रदीप ने प्रेमिका को जब शादी करने के लिए कहा तो उसने अंतर जातीय मामले का हवाला देते हुए प्रदीप से शादी करने से इनकार कर दिया।
प्रदीप को यह सदमा बर्दाश्त नहीं हुआ कि पहले सगाई तोड़कर माता-पिता के दिल को ठेस पहुंचाई और अब सात जन्मों का साथ बताने वाली प्रेमिका ने भी साथ छोड़ दिया। ऐसे में प्रदीप ने हताश होकर मौत को गले लगा लिया। पिता के मुताबिक प्रदीप ने सुसाइड नोट में अंबाला की रहने वाली महिला डाक्टर, उसके पिता का नाम और घर का पता भी लिखा है।