45 लाख रुपये की हेराफेरी करने के एक मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने क्राइम ब्रांच को जांच करने के निर्देश दिए हैं। सिक्योरिटेरियन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज करते हुए अदालत से आग्रह किया कि आरोपी कस्टोडियन संजय जोहर और एसआईपीएल के पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच करवाई जाए, जिन्होंने 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
एक्साइज मजिस्ट्रेट अमरजीत सिंह लंगेह ने शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद क्राइम ब्रांच जम्मू को मामले की जांच करने को कहा। शिकायत में कहा गया कि कंपनी कामर्शियल बैंकों को कैश मैनेजमेंट सर्विस उपलब्ध करवाती है। कंपनी देश के अन्य राज्यों के अलावा रियासत में पीएनबी, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और आईसीआईसीआई के एटीएम में कैश भरने व उसके संचालन की व्यवस्था करती है।
बैंक की जरूरतों के अनुसार कैश मुहैया करवाती है और इस काम के लिए कस्टोडियन के रूप में लोगों को नियुक्त करती है। 13 मार्च 2015 को कंपनी के क्लाइंट पीएनबी ने सूचित किया कि कुछ एटीएम को बंद कर उसमें रखा कैश बैंक में जमा करवाएं। कंपनी को पता चला कि कस्टोडियन संजय जोहर ने 35 लाख रुपये कम जमा करवाए हैं।
इसके अलावा जांच में पाया गया कि संजय ने विनायक बाजार, डोगरा चौक और सतवारी में स्थित एटीएम में दस लाख रुपये कम भरे। कंपनी ने शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज करवाने और जांच के आदेश देने का आग्रह किया। जेएनएफ