आठवीं कक्षा पास के फर्जी सर्टिफिकेट, स्टेट सब्जेक्ट और कास्ट सर्टिफिकेट मुहैया कराने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने पांच लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2005 में 420, 467, 468, 471 के तहत रमेश चंद निवासी कथोली सांबा की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। नौ साल की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांच लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।
रमेश चंद ने शिकायत में कहा था कि उनके बेटे रछपाल को पवन कुमार और सतपाल निवासी कथोली ने आठवीं कक्षा पास का सर्टिफिकेट दिलाने के लिए आठ हजार रुपये मांगे और नौकरी दिलाने के लिए भी कहा। पांच महीने के बाद दोनों फिर उसके बेटे से मिले और कहा कि आठवीं कक्षा से नौकरी की बात नहीं बन रही। इसलिए उसके बेटे से 22 हजार रुपये और लिए। इसके बदले दसवीं कक्षा पास का सर्टिफिकेट, स्टेट सब्जेक्ट और कास्ट सर्टिफिकेट दिया, जो जांच के बाद फर्जी निकले।
एसएसपी क्राइम ब्रांच मुब्बसर लतीफी का कहना है कि पुलिस ने जांच में पाया कि पांच आरोपियों पवन कुमार, सतपाल, सोहन लाल सभी निवासी कथोली, रछपाल निवासी कल्याणा आरएस पुरा और अशोक कुमार निवासी बिश्नाह ने फर्जी दस्तावेज देकर युवक को लूटा। इन पांचों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है।
विजिलेंस ने पेश किया चालान
रिश्वत लेने के आरोप में धरे गए पुलवामा जिले के अरिहल हलका के पटवारी के खिलाफ कश्मीर विजिलेंस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। वर्ष 2012 में तब रहे पटवारी अब्दुल हमीद शेरगुजरी को विजिलेंस ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। गुलाम मोहिउदीन की शिकायत पर विजिलेंस ने पटवारी को दबोचा था।