शहर के चर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपी कुलदीप सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी पठानकोट को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। करतार सिंह और प्रसन्नता देवी की हत्या का बीते 21 वर्ष से कोर्ट में मुकदमा चल रहा था।
दोहरे हत्याकांड में सजा सुनाने के दौरान अतिरिक्त सेशन जज सोनिया गुप्ता ने पुलिस को भी कड़ी फटकार लगाई। जज ने पाया कि पुलिस द्वारा दोहरे हत्याकांड की जांच को गंभीरता से नहीं लिया है।
न ही प्रासिक्यूशन की ओर से मामले में जांच अधिकारी को पेश किया गया है और न ही इस मामले में हथियार ही सुनवाई के दौरान पेश किया गया है।
अतिरिक्त सेशन जज ने एसएसपी कठुआ से मामले की जांच करने और आरोपी पुलिस अधिकारी की शिनाख्त कर फैसले की कापी मिलने के 15 दिन में निजी तौर पर अथवा डीएसपी मुख्यालय द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए।
पुलिस केस के मुताबिक कुलदीप सिंह 19 फरवरी 1993 को सुबह ग्यारह बजे करतार सिंह (सानोचक) के घर में घुसा और करतार सिंह और प्रसन्नता देवी की हत्या कर दी थी।