बलात्कार के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे आरोपी जावेद इकबाल मीर को फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने जमानत देने से इंकार कर दिया। पुलिस केस के अनुसार वर्ष 2012 में आरोपी के परिवार वालों ने युवती के परिवार वालों से संपर्क किया और दोनों का विवाह करवाने का प्रस्ताव रखा।
लड़की एफएमपीएचडब्ल्यू की छात्रा थी। उसके परिवार वाले दो साल बाद लड़की का विवाह करवाने को राजी हो गए। इसी दौरान आरोपी ने एक दिन युवती के साथ बलात्कार कर लिया। युवती ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट ने इसे एक महिला के खिलाफ बलात्कार को सबसे जघन्य अपराध बताते हुए इसे नारीत्व का अपमान, महिला की गरिमा का उल्लंघन तथा उसके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कहा। इतना ही नहीं, जिस ढंग से अपराध को अंजाम दिया गया, वह पूरे समाज के लिए नुकसानदेह है। अदालत ने तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया।
जेएनएफ