भाजपा विधायक शाम लाल चौधरी पर कातिलाना हमला करने के आरोपी रंजीत सिंह, उनके दो बेटों घार सिंह, जसपाल सिंह और रंजीत चौधरी की जमानत अर्जी जम्मू के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एससी कटल की अदालत ने खारिज कर दी।
पुलिस केस के अनुसार हमलावरों ने पुरानी रंजिश के कारण विधायक शाम लाल चौधरी, विक्रम चौधरी और विशाल चौधरी पर पिस्टल और किरच से हमला कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार घार सिंह ने पिस्टल से विधायक चौधरी पर गोली चलाई, लेकिन विक्रम चौधरी ने बीच में पड़ कर उसके हमले को विफल कर दिया।
इससे विधायक की जान बच गई। इसी दौरान जसपाल सिंह ने किरच से विशाल चौधरी पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। उसका अभी भी उपचार चल रहा है। आरोपियों ने शाम लाल चौधरी और विक्रम पर भी हमला किया, जिससे उन्हें भी चोट आई।
सीपीओ संजय कोहली की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम ने पाया कि आरोपियों ने विधायक पर जानलेवा हमला किया। इससे साबित होता है कि आरोपियों को कोई डर नहीं है। इससे समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
जांच अधिकारी ने अभी इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच करनी है। यदि आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वह जांच का काम प्रभावित कर सकते हैं। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।