पुंछ के प्रिंसिपल सेशन जज जफर हुसैन बेग ने रिश्तेदार की हत्या करने के एक मामले में अभियोजन की विफलता के कारण आरोपी खुर्शीद हुसैन और उनके पुत्र नजीर हुसैन को बरी कर दिया।
पुलिस केस के अनुसार मंडी थाने को तीन अगस्त 2009 को सूचना मिली कि एक दिन पहले इलाके की हजरा बेगम की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। उसका शव उसके घर के पास ही पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने बताया कि महिला की मौत गला घोटने से हुई है।
जांच के दौरान पता चला कि मृतका का पति मोहम्मद राशिद की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। वह जम्मू कश्मीर आर्म्ड पुलिस में तैनात था। विभाग ने उसके परिवार के पत्र में 7.74 लाख रुपये और केनू (पुंछ) के पास एक घर सेंक्शन किया। परिवार को उसकी पेंशन भी मिल रही थी।
मतृका के करीबी रिश्तेदार आरोपी नजीर हुसैन और मोहम्मद हुसैन ने मोहम्मद राशिद की संपत्ति हथियाना चाहते थे। इसी क्रम में खुर्शीद हुसैन का विवाह मृतक की बेटी के साथ करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे हजरा बेगम ने नकार दिया।
इससे उनके संबंधों में तनाव आ गया। इसके बाद आरोपियों ने हजरा बेगम की हत्या का षड्यंत्र रचा। दो अगस्त 2008 को आरोपी उसके घर में घुसे और उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। साथ ही उसका शव खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया और जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया।
प्रिंसिपल सेशन जज ने तमाम दलीलों को सुनने और सबूतों पर गौर करने के बाद पाया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या करने के आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। इसलिए आरोपियों के खिलाफ अभियोजन को खारिज किया जाता है। साथ ही उन पर लगे आरोपों से उन्हें बरी किया जाता है।