अपनी ही सात माह की बच्ची को मारने के आरोप में फंसी मां को अभियोजन की विफलता के कारण पुंछ के प्रिंसिपल सेशन जज जफर हुसैन बेग ने बरी कर दिया। पुलिस केस के अनुसार 18 अगस्त, 2009 को घानी में एक सात माह की बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में अपने घर में मिली। सूचना पाकर पुलिस ने धारा 174 पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि 18 अगस्त को आरोपी महिला के ही परिवार की दो अन्य महिलाएं (एक आरोपी की मां) जमीन विवाद में आपस में लड़ रही थीं। आरोपी महिला को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। इसी दौरान आरोपी अपनी सात माह की बच्ची के साथ घटना स्थल पर पहुंची और अपनी मां को बचाने का प्रयास किया, जिसे दूसरी महिला पीट रही थी। आरोपी ने रोते हुए कहा कि वह सभी को सबक सिखाएगी।
इसी दौरान उसने अपनी सात माह की बच्ची को पत्थर पर फेंक दिया। इससे वह जख्मी हो गई और फिर दम तोड़ दिया। आरोपी महिला ने परिवार के अन्य सदस्य पर उसकी बेटी को मारने का आरोप जड़ा, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद आरोपी महिला के खिलाफ ही आरपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया।
प्रिंसिपल सेशन जज ने जफर हुसैन बेग ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन आरोपी महिला के खिलाफ लगे हत्या के केस को साबित करने में असफल रहा। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी महिला को बरी करने के आदेश दिए। जेएनएफ