गलत केस दर्ज करने और बिना किसी के मामले में जबरदस्ती हवालात में रखने पर एक इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज दर्ज किया है। यह मामला 2010 का है। तब आरोपी चौक चबूतरा पुलिस चौकी के इंचार्ज एवं चौकी प्रभारी था।
आरोप है कि वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस में तैनात इंस्पेक्टर नवीन शर्मा ने अपने पद का गलत फायदा उठाया। कारोबारी पार्टनर नीरज चंदेल और संदीप आनंद के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया और उनको हवालात में रखा। यहां तक कि नीरज चंदेल के पिता ओमप्रकाश चंदेल को भी पुलिस ने हवालात में बंद कर दिया। जब यह लोग कोर्ट से जमानत लेकर छूट गए तो उन्हें दोबारा थाने बुलाया गया और फिर अवैध रूप से हवालात में रखा। हथकड़ी लगाकर मीडिया के सामने दोनों को चोर बता दिया। नवीन शर्मा ने दोनों से 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
विजिलेंस ने जांच की और पाया कि तब रहे सब इंस्पेक्टर नवीन शर्मा ने 14 अक्तूबर 2010 को रात 11.45 बजे केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने नीरज चंदेल के घर छापा मारा और उसके पिता ओमप्रकाश चंदेल को उठाकर थाने ले आई। पुलिस ने 15 अक्तूबर की दोपहर तक ओमप्रकाश को हवालात में रखा। यही नहीं, जब दोनों पार्टनर ओमप्रकाश को लेने गए तो आरोपी ने दोनों को भी दो दिन के लिए हवालात में बंद कर दिया।
विजिलेंस ने जांच में पाया कि एसआई ने तीनों को गलत ढंग से थाने रखा। साथ ही 35 हजार रिश्वत देने के लिए मजबूर किया। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर विजिलेंस ने शुक्रवार को नवीन शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। विजिलेंस अब आगे की जांच करेगी।