मेरा नाम राजिंद्र सिंह, मैं सांबा के नजदीक चक राम चंद का रहने वाला हूं। मैंने एक लड़की से शिद्दत से प्यार किया और उसके घर पर यह बात पता चल गई। उसकी मां ने उसे मारकर पंखे से लटका दिया और इल्जाम मुझ पर लगा दिया कि मैं उसे ब्लैकमेल करता था।
मैं उसे दिल से प्यार करता था, ब्लैकमेल नहीं किया। इसलिए अगर वो नहीं रही तो मैं क्यूं जिंदा रहूं, बाय! यह राजिंद्र सिंह के आखिरी शब्द थे जो उसके मोबाइल में रिकॉर्ड हुए।
राजिंद्र सिंह का मोबाइल रेलवे ट्रैक पर क्षत विक्षत मिले शव के नजदीक ही पाया गया। राजिंद्र की मौत बुधवार सुबह नौ बजकर पचास मिनट पर मालवा एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से हुई। जिसके बाद जीआरपी ने शव को जम्मू-पठानकोट रेल सेक्शन के बीच सेहस्वां और चंदवां के रेलवे ट्रैक साफा नंबर 42/9 पर बरामद किया। रेलवे पुलिस ने आरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।