जाली करेंसी मामले में स्पेशल जज एनआईए कोर्ट ने अनंतनाग के फयाज अहमद राथर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। एनआईए केस के अनुसार 11 जनवरी, 2011 को जानीपुर पुलिस ने हाईकोर्ट मोड़ के पास नाका लगाया था। इस दौरान चार लोगों को नाके की ओर बढ़ते देखा गया। नाका देख चारों भागने लगे।
इस पर पुलिस ने दौड़कर चारों को पकड़ लिया। इस दौरान उन्होंने कुछ करेंसी नोट फेंकने की कोशिश की, जो असली नोट की तरह थे। जांच में पाया गया कि यह उच्च गुणवत्ता वाला फर्जी नोट था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि आरोपी की मां का 2014 से स्किम्स में इलाज चल रहा है।
जमानत के लिए कोई ठोस आधार जमानत अर्जी के साथ प्रस्तुत नहीं किया गया है। आरोपी का इस गंभीर केस में ट्रायल चल रहा है। ऐसे में आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है।