श्रीनगर के पुराने शहर में मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने पूर्व तहसीलदार पर तेजाब से हमला किया। हमले के बाद हमलावर वहां से फरार हो गया। घटना सैकीडाफर इलाके के वानियार मोहल्ले की है।
पीड़ित की पहचान सेवानिवृत्त तहसीलदार अली मोहम्मद शाह के तौर पर हुई है। मिली जानकारी के अनुसार वह सुबह करीब 6 बजे नमाज अदा करने के लिए मस्जिद की तरफ जा रहे थे। उसी समय एक व्यक्ति ने अचानक तेजाब फेंक दिया। उनके चेहरे, हाथों और टांगों पर तेजाब से जख्म हो गए हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर हमलावर की तलाश शुरु कर दी है।
सदरकूट कांड की जांच 16 अप्रैल तक हो पूरी : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को सदरकूट कांड की जांच 16 अप्रैल तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पांच अक्तूबर 1996 को जिला बांडीपोरा के सदरकूट गांव में अज्ञात बंदूकधारियों ने तीन परिवारों के सात लोगों की हत्या कर दी थी।
स्थानीय लोगों ने इस हत्याकांड के लिए सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आतंकियों से लोहा ले रहे इखवानी कमांडर अब्दुल रशीद पर्रे उर्फ रशीद बिल्ला, वली मोहम्मद मीर और मोहम्मद अयूब डार को जिम्मेदार ठहराया था।
पुलिस ने इस हत्याकांड के संदर्भ में सुरक्षा बल पुलिस स्टेशन में एफआईआरऱ् 125/1996 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरु की थी। जस्टिस एएम माग्रे ने सभी पक्षों को सुनने व केस डायरी का संज्ञान लेने के बाद जांच अधिकारी को आरोपियों को गिरफ्तार करने का अंतिम मौका देेते हुए 16 अप्रैल तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया।
बच्चा लापता होने पर अनंतनाग में प्रदर्शन
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के अशमुकाम में एक बच्चे के लापता होने के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार परिवार अपने चार वर्षीय पुत्र अयाम हमीद वानी को लेकर निकटवर्ती वाहीबुग पहरु गांव में अपने रिश्तेदारों के पास मिलने आया था। रिश्तेदार के घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद अयाम वहां से गायब हो गया। उसके परिजनों व रिश्तेदारों ने उसे वहां तलाश किया, लेकिन अयाम का कोई सुराग नहीं लगा।
इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों ने धरना देकर पहलगाम-अनंतनाग सड़क को बंद कर दिया। पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और उन्हें लापता बालक को जल्द ही बरामद करने का यकीन दिलाया। पुलिस ने लापता बालक के परिजनों व रिश्तेदारों के बयान दर्ज करते हुए उसका पता लगाने के लिए एक सिट का गठन कर दिया है।