जम्मू। घायलों की चीखें इमरजेंसी वार्ड के बाहर तक सुनाई पड़ रही थीं। बस हादसे में घायल जयेश के सिर, कमर और पैर में गहरी चोट आई है। उनकी पत्नी उनके सामने और भी गंभीर हालत में पड़ी थी। जयेश ने अपना दर्द काबू पाया और पीड़ा से कराह रही पत्नी के बगल में पूरे दिन खड़े रहे। यहां तक कि वह पत्नी को छोड़कर अपनी मरहम पट्टी कराने तक नहीं गए। वह कभी डॉक्टर तो कभी परिचितों के पास दौड़ लगाकर दर्द से तड़प रही पत्नी को आराम दिलाने की गुहार कर रहे थे। वहीं, जयंती लाल भी इमरजेंसी में भर्ती अपनी रिश्तेदार का हाल लेने बार-बार अपने बेड से उठकर उनके पास जाते रहे। गंभीर रूप से घायल 17 वर्ष का बिन्नी भी दर्द से छटपटाता रहा। डॉक्टरों के छूते ही सभी घायल दर्द से चीख पड़ते थे। इन चीखों को सुनकर उपचार कराने आए अन्य मरीजों का भी दिल दहल गया।
(फोटो..कमीश्नर राहुल शर्मा)
रेड क्रास ने दिया आसरा
रेड क्रास व प्रशासन की टीम ने जीएमसी पहुंच कर घायलों की मदद की। रेड क्रास सेक्रेटरी दिनेश गुप्ता ने बताया कि घायलों के परिचितों को आराम देने के लिए रेड क्रास सराय में व्यवस्था की गई है। साथ ही उपचार के बाद रेफर होने वाले घायलों को भी उचित प्रबंध होने तक सराय में रखा जाएगा। रेड क्रास के एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी रणवीरेश्वर सिंह और एडिशनल डिवीजनल कमिश्नर राहुल शर्मा पूरे दिन अस्पताल में रहे। तीनों अधिकारी लगातार घायलों और डॉक्टरों के बीच तालमेल बैठाकर उचित उपचार दिलाने का प्रयास करते रहे।