अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू शहजाद अजीम ने सोमवार को म्यांमार (बर्मा) के नागरिक जाकरिया पुत्र बासा मियां को तीन साल कैद की कठोर सजा के साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। पुलिस केस के मुताबिक 13 नवंबर 2014 की रात करीब साढ़े नौ बजे आरएस पुरा के रंगपुरा नई बस्ती इलाके में पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने संदिग्ध को दबोचा था।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान बताई। हालांकि, वह इससे संबंधित और भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए अनिवार्य दस्तावेज पेश नहीं कर पाया था। इस पर उसके खिलाफ एफआईआर नंबर 211/2014 में 14 फारेनर एक्ट और 3/6 इंडियन पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू शहजाद अजीम ने अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त पब्लिक प्रासिक्यूटर अब्दुल हफीज और आरोपी की ओर से पेश हुई एडवोकेट अनीता टिक्कू की दलीलों को सुनने के बाद जाकरिया को तीन साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि यदि आरोपी जुर्माना राशि जमा नहीं करवाता है तो उसे एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जाकरिया को पासपोर्ट एक्ट 1920 की धारा 3 के अंतर्गत अपरोध करने का दोषी पाए जाने के चलते तीन महीने की कैद भी सुनाई गई है।