जानलेवा हमले के एक मामले में प्रिंसिपल सेशन जज कठुआ विनोद चटर्जी कौल ने सुरिंदर सिंह उर्फ अंकू निवासी हीरानगर (कठुआ) को दो साल कैद की सजा सुनाई है। पुलिस केस के मुताबिक घायल भारत सलादिया ने बताया कि जब वह हीरानगर जा रहा था। अपने घर के रास्ते में था तो बाजार में टाउन हाल के ठीक सामने शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे एक मोटरसाइकिल उसके सामने आकर रुकी।
उस पर दो आदमी सवार थे। इनमें एक सुरिंदर सिंह था, जबकि दूसरे को वह नहीं पहचानता। आरोपी सुरिंदर सिंह की उससे पुरानी रंजिश थी। दोनों लोग उसके पास आए मारपीट शुरू कर दी। आरोपित सुरिंदर सिंह अपने हाथ में टोका लिए हुए था। इस टोके से उसने उनके सिर पर हमला कर दिया। सिर बचाने के लिए उसने बांह ऊपर उठाई तो चोट उसकी बाजू और बाएं कंधे पर लगी। चिल्लाने पर आसपास लोग इकट्ठे हो गए और ये दोनों लोग मौके से भागने में कामयाब रहे। उसे बाद में हीरानगर हास्पिटल ले जाया गया।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद प्रिंसिपल सेशन जज विनोद चटर्जी कौल ने पाया कि सुरिंदर सिंह पर यह मामला 2011 से चल रहा है। इस दौरान वह काफी झेल चुका है। केवल 25 साल के करीब होने की वजह से कोई भी कठोर फैसला उसके लिए मुश्किल पैदा करेगा। जिससे वह ही नहीं, उसका परिवार भी प्रभावित होगा। चोटों की प्रकृति और घटना के बाद अब तक टाइम गैप देखते हुए सुरिंदर सिंह थोड़ी नरमी का हकदार है। इसलिए उसे एक साल की कैद और एक हजार रुपया जुर्माना भुगतना होगा। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे दो महीने की कैद और भुगतनी होगी। आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत उसे एक साल की कैद और 500 रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। यह जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक और माह की कैद भुगतनी होगी। यह दोनों सजाएं साथ चलेंगी।