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पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी आसिया

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पाक में बैठे आकाओं के संपर्क में आसिया
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दो सहयोगियों के मोबाइल से मिली डिटेल
श्रीनगर में कई बार पाकिस्तान के झंडे लहराते हुए देखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी कट्टर देश विरोधी है। वह पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी। उसके आतंकी संगठनों से भी संबंध हैं। एनआईए के पास ऐसे ही कई सबूत आसिया के खिलाफ हैं। श्रीनगर में कई बार उसे पाकिस्तान के झंडे लहराते हुए देखा गया है। इसके बाद से ही वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आई।
एनआईए ने आसिया आंद्राबी के बारे में कई खुलासे किए हैं। इसमें बताया गया है कि जांच करने पर जब आसिया के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों से पूछताछ हुई, तो उनके पास से मोबाइल बरामद हुए। इनकी काल डिटेल निकालने पर पता चला कि कई बार पाकिस्तान में बात हुई। यह मोबाइल आसिया की सहयोगी सोफी फहमीदा और नसरीन के हैं। ये तीनों कश्मीर से फंड इकट्ठा कर आतंकी संगठनों तक पहुंचा रही थीं। कश्मीर में मौजूद आतंकियों की यह मदद कर रही थीं।
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सूत्रों का कहना है कि कश्मीर के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के युवा आतंकियों के साथ आसिया की सीधी बातचीत थी। वह हिजबुल के चीफ सलाहुद्दीन से भी बातचीत करती थीं। उसके कहने पर ही वह काम कर रही थीं।
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कौन है आसिया अंद्राबी
आसिया अंद्राबी कश्मीर में एक अलगाववादी नेता के रूप में जानी जाती है। 1962 में जन्मी आसिया ने बीएससी बायोेकेमिस्ट्री और एमए अरेबिक किया है। 1990 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की स्थापना करने वाले सदस्यों में शामिल आतंकी डॉ. कासिम फक्तू की वह पत्नी हैं। फक्तू 25 साल से जेल में बंद है। कश्मीर में महिला अलगाववादी नेता के रूप में आसिया का नाम है। आसिया ने दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन बनाया है, जिसे केंद्र सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित किया हुआ है।
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हमेशा उगलती रही है जहर
2017 में जून में क्रिकेट चैंपियंस ट्राफी के फाइनल मुकाबले में जब पाकिस्तान ने भारत को हराया तो आसिया ने मस्जिद में जाकर पाकिस्तान का झंडा फहराया। इसी तरह उसने कई बार श्रीनगर में पाकिस्तान का झंडा फहराया। आसिया अपने सहयोगियों के साथ साइबरस्पेस पर पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रही थी। युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए बहका रही थी।
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