पुंछ। शनिवार को मंडी तहसील के अलबेला गांव निवासी मोहम्मद रशीद के घर से महज दो किलोमीटर दूर हुए दर्दनाक हादसे में जिन 14 लोगों की जान गई, उसमें मोहम्मद रशीद की बेटी आसिया अख्तर और पत्नी परवेज अख्तर भी शामिल थीं। रशीद की तीन वर्षीय बेटी जाफिया, भाभी और भतीजा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनको पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल से देर शाम एयर लिफ्ट कर जीएमसी जम्मू भेजा गया।
जब मोहम्मद रशीद की तीन साल की नन्ही जाफिया को जिला अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया तो वह अपने रिश्ते की चाची सलमा की गोद में लेटे-लेटे इधर-उधर निगाह दौड़ा कर अपनी मां को तलाश रही थी। नन्ही बच्ची को नहीं पता था कि उसकी बेटी और बहन सदा के लिए उससे जुदा हो चुकी हैं। हेलीकाप्टर से जम्मू जा रहे जाफिया के चाचा मोहम्मद आजम ने बताया कि उनका भाई मोहम्मद रशीद मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्य में गया हुआ है। जाफिया की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। इसीलिए उसका इलाज करवाने के लिए उसकी मां, अपनी बड़ी बेटी, देवरानी और उसके बेटे को साथ लेकर पुंछ जिला अस्पताल जा रही थी, जब यह हादसा हो गया।
घायलों को जम्मू ले जाने के लिए देरी से पहुंचा हेलीकाप्टर
पुंछ। शनिवार को मंडी तहसील में बस के 500 मीटर नीचे पुलस्त नदी में गिरने से छह गंभीर रूप से घायलों को जब उपचार के लिए जीएमसी जम्मू रेफर किया गया तो घायल और उनके परिजन घंटों हवाई अड्डे के बाहर एंबुलेंस में बैठे हेलीकाप्टर के आने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे पेश आए बस हादसे के बाद दोपहर 12 बजे गंभीर रूप से घायल छह लोगों को एयरलिफ्ट करने की बात हुई। इसके दो घंटे बाद करीब दो बजे पहला प्राइवेट हेलीकाप्टर पुंछ पहुंचा, जो तीन घायलों को लेकर जम्मू गया। उसके बाद तीन अन्य घायलों को एंबुलेंस में डाल कर दो बजे ही जिला अस्पताल के डाक्टर सैन्य हवाई अड्डे के बाहर पहुंचे, लेकिन हेलीकाप्टर दो घंटे बाद पहुंचा। करीब चार बजे दूसरा प्राइवेट हेलीकाप्टर सैन्य हवाई अड्डे पर उतरा, जहां से गंभीर रूप से जख्मी दो बच्चों और एक महिला को जीएमसी जम्मू भेजा गया। इस पर घायलों के परिजनों मोहम्मद आजम, मोहम्मद हफ्फी और पुंछ के युवक सतविंदर पाल सिंह ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि इस देरी से घायलों की हालत और खराब हो गई।
500 मीटर नीचे गिरी बस के उड़ गए परखच्चे
चादर और कंबल में डाल कर घायलों को सड़क तक पहुंचाया
पुंछ। शनिवार को जिले की मंडी तहसील के पलेरा गांव में सड़क से 500 मीटर नीचे पुलस्त नदी में गिरी बस के परखच्चे उड़ गए। करीब आधे किलोमीटर के दायरे में बस के हिस्से बिखरे मिले हैं। इसे देख कर वहां बचाव के लिए पहुंचे लोगों को पहले तो यही लगा कि इस हादसे में कोई भी जिंदा नहीं बचा होगा। इससे डरे लोगों ने बेहद तेजी से राहत व बचाव अभियान चलाया, जिससे कई जिंदगियों को बचा लिया गया। जिस तरह से हर तरफ बस के टुकड़े बिखर गए थे, उसे देख कर पहले यह अफवाह उड़ गई कि बस में सवार सभी 25-30 लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए थे। जहां हादसा हुआ वहां स्ट्रेचर तो मिल नहीं सकता था, ऐसे में लोगों ने पुलिस और आम लोगों ने चादर और कंबलों में डाल कर घायलों को सड़क तक पहुंचाया।