जम्मू एंटी करप्शन ब्यूरो ने झज्जर कोटली के नायब तहसीलदार और पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दोनों अधिकारियों ने भूमि मसले को हल करने के लिए 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। राशि न देने पर काम नहीं करने की धमकी दी थी। पीड़ित व्यक्ति ने तंग नायब तहसीलदार फरयाद अली और पटवारी यादव चंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता जावेद अशरफ ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका घर 22 मरले प्लाट पर नेशनल हाईवे किनारे झज्जर कोटली में बना है। यहां पर दो भाइयों की जमीन है। दोनों की रजामंदी से दो मरले जमीन उनके नाम पर होनी थी। मगर नायब तहसीलदार और पटवारी काम में अड़ंगा डाल रहे हैं।
काम करने के लिए उन्होंने 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। साफ कहा कि राशि न देने पर काम नहीं करेंगे। इस शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने डिप्टी एसपी अब्दुल वहीद की अध्यक्षता में टीम का गठन किया और जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने काम कराने के लिए अधिकारियों को पैसे दिए कि टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। मसले में छानबीन चल रही है।
रिश्वत मामला दो
रिश्वत मामले में पीए के खिलाफ किया चालान पेश
रिश्वत मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो जम्मू ने स्पेशल जज एंटी करप्शन की अदालत में पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता कार्यालय के एसई के पीए जगदीप सिंह निवासी सरवाल के खिलाफ चालान पेश किया है। शिकायतकर्ता दलेर सिंह की शिकायत पर ब्यूरो की टीम ने पीएए को 13 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि डी क्लास कांट्रेक्टर कार्ड बनाने के लिए 20 हजार रुपये पीए ने मांगे। बाद में 13 हजार रुपये देने को बोला। इस पर टीम ने कार्रवाई की और पीए को 13 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ था।