- आरोपी को पता चले कि उसने क्या गलती की है, चचेरा भाई था तिलक राज
अजय मीनिया
जम्मू। जिस साहिल कुमार की तिलक राज ने हत्या की थी वह उसका चचेरा भाई था। हत्या के बाद से ही साहिल उर्फ पिंकी के माता-पिता चैन की नींद नहीं सो सके। पिछले दस वर्ष से वे इसी उम्मीद में थे कि उन्हें कब इंसाफ मिलेगा। साहिल के पिता रमेश लाल ने कहा कि पिछले दस वर्ष से हम चैन से नहीं सो पाए। अब जाकर कहीं चैन की नींद आएगी। हालांकि बेटे की मौत का गम मरते दम तक रहेगा, लेकिन कुछ राहत जरूर मिली है।
रमेश ने बताया कि आरोपी तिलक राज वैसे तो फांसी का हकदार था। लेकिन अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान हमने खुद जज से कहा था कि मौत की जगह इसे उम्रकैद की सजा दी जाए, ताकि इसे पता चले कि इसने गलती क्या है। वह जिंदगी भर जेल में रहे और महसूस करे कि उसने कितना बड़ा जुर्म किया है। बेशक दस वर्ष लग गए, लेकिन अदालत के फैसले से कुछ राहत जरूर है। साहिल की मां सुषमा अब भी वो मंजर याद कर सिहर उठती हैं। साहिल का एक बड़ा और एक छोटा भाई भी है। सुषमा का कहना है कि पिछले दस वर्ष से बेटे की याद उन्हें हर पल रुलाकर चली जाती है।
हत्या करके पराली में छुपा दिया था शव
बता दें कि तिलक राज साहिल का चचेरा भाई था। साहिल के दादा और तिलक के दादा सगे भाई थे। तंत्र विद्या के लिए तिलक ने साहिल की हत्या कर दी थी। मौका-ए वारदात के दिन साहिल को उसने 500 रुपये का नोट भी दिया था। जिससे साहिल ने अपने एक दोस्त के साथ मोमोज खाए। इसके बाद साहिल उसकी बातों में आकर खेतों में चला गया। यहां तिलक ने पहले से पराली के ढेर में दराती रखी थी। हत्या करनेे के बाद शव को पराली के ढेर में रख दिया।
खत्म होना चाहिए तंत्र मंत्र का खेल
रमेश लाल का कहना है कि उनके बच्चे की जान तंत्र मंत्र के चक्कर में चली गई। वह नहीं चाहते कि किसी और बच्चे की जान ऐसे जाए। इसलिए यह तंत्र मंत्र का खेल खत्म होना चाहिए। धर्म और तंत्र के नाम ढोंग करने वालों के लिए ऐसा कानून होना चाहिए, जिसमें उनके लिए ऐसी सजा का प्रावधान हो कि सुनकर रूह कांप जाए। ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि जिससे दोबारा कोई ऐसा न करे।