-शादी न हो पाने वाले मानसिक रूप से कमजोर और सीधे लोगों को बनाते थे निशाना
-शादी के बदले लेते थे लाखों, अखनूर व नगरोटा थाने में दर्ज शिकायतों पर पुलिस ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो/ संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/अखनूर/ज्यौड़ियां। अखनूर पुलिस ने फर्जी शादियों के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर संचालक पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो पुंछ व अखनूर, एक बिहार और दो उत्तर प्रदेश के हैं। गिरोह को अखनूर के छपरी डागर गांव का दीपक कुमार उर्फ दीपू चलाता था। इस गिरोह में अभी और लोगों के शामिल होने की आशंका है। शातिरों का ये गिरोह ऐसे लोगों को टारगेट करता था जिनकी अधिक आयु होने पर भी शादी नहीं होती थी या जो मानसिक रूप से कमजोर और सीधे साधे हों।
शादी के लिए बाकायदा पूरा मंडप, पुजारी का बंदोबस्त किया जाता था। इसके बदले लाखों रुपये लिए जाते थे। शादी के कुछ ही दिन या फिर दूसरे ही दिन दुल्हन बहाना बनाकर व्यक्ति को छोड़ देती थी या गच्चा देकर भाग जाती थी। जम्मू जिले के अखनूर और नगरोटा पुलिस थाने में ऐसी ही कई शिकायतें दर्ज हो रही थीं। अखनूर थाने में तो चार लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी और बताया कि उनसे लाखों रुपये लेकर शादी कराई। शादी के अगले ही दिन दुल्हन भाग गई। ऐसी ही शिकायत नगरोटा पुलिस थाने में भी दर्ज थी।
दीपक निकला किंगपन
अखनूर थाने में छपरी डागर गांव के रहने वाले रछपाल ने 11 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई। रछपाल ने बताया कि उसके गांव के ही दीपक कुमार ने उसकी शादी एक लड़की से कराई थी। इसके बदले 3 लाख रुपये लिए। शादी के अगले ही दिन दुल्हन भाग निकली। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार सुबह पुलिस टीम ने दीपक कुमार को गिरफ्तार किया तो पता चला कि दीपक के साथ चार और लोग हैं। इनकी मदद से फर्जी शादी कराने का नेटवर्क चल रहा था।
उत्तर प्रदेश से लेकर आया महिला
पूछताछ में पता चला कि दीपक ने खुद भी उत्तर प्रदेश में शादी की हुई है। वहीं पर इसे अपने लिए नेटवर्क तैयार किया। अपने साथ पुंछ के विकास कुमार को जोड़ा। दोनों ने बिहार के रहने वाले अरुण कुमार को जोड़ा। तीनों ने मिलकर उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस्तखार से संपर्क किया। जहां इन चारों ने उत्तर प्रदेश की रहने वाली कुसुम लता को अपने लिए काम करने के लिए तैयार किया। इसके बाद ठगी का काम शुरू कर दिया। नगरोटा और अखनूर में 7 से 8 लोगों की शादियां कराईं। इसके बदले किसी से एक लाख तो किसी से 4 लाख लिए।
एजेंटों से लेते थे शादी की जरूरत वालों की जानकारी
अखनूर थाने के एसएचओ राजेश जसरोटिया ने बताया कि इन लोगों ने अपने लिए पूरे जम्मू जिले में कई लोगों को एजेंटों के तौर पर जोड़ रखा है। ये एजेंट इनके लिए ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनकी आयु ज्यादा हो और शादी न हो रही हो या ऐसे लोगों को ढूंढते थे, जो विकलांग और मानसिक रूप से कमजोर हों। वे इसके बदले एजेंटों को पैसे देते थे।
ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने से कतराएं नहीं
एसपी बृजेश शर्मा का कहना है कि सामाजिक कलंक के कारण कई पीड़ित ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने से बचते हैं। लोग ऐसी धोखाधड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें। ऐसी किसी भी घटना की तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। यह गिरोह मुख्य रूप से कमजोर व्यक्तियों को निशाना बनाता था। इसलिए लोग सतर्क रहें।