-नरवाल से हटाए जाने के बाद रोहिंग्याओं ने वन क्षेत्र में बना लिए थे ठिकाने
-प्रशासन व वन विभाग ने 17 झुग्गियां और तीन पक्के मकान ध्वस्त कर 150 कनाल जमीन खाली करवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नरवाल से झुग्गियां हटाए जाने के बाद रोहिंग्या परिवारों का नया ठिकाना अब जंगल में मिला है। रोहिंग्याओं ने अब नरवाल से करीब आधा किलोमीटर दूर रहीम नगर में नाले के पास झुग्गीनुमा और कुछ पक्के ढांचे बना लिए थे। शनिवार को प्रशासन और वन विभाग ने यहां 17 झुग्गियां और तीन पक्के मकान ध्वस्त कर 150 कनाल जमीन खाली करवाई है।
वन विभाग के अनुसार, विभाग ने करीब 10 दिन पहले संबंधित लोगों को जमीन खाली करने के लिए कहा था। कब्जे नहीं हटाए जाने पर शनिवार तड़के 5.30 पर जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। विभाग के अनुसार ये सभी ढांचे वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे। यहां करीब 20 परिवार रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। विभाग के अनुसार संबंधित वन क्षेत्र करीब पांच हेक्टेयर में फैला है और विभाग ने वहां हुए अतिक्रमण का विस्तृत ब्योरा तैयार किया है। अधिकारी ने कहा कि चिह्नित किए गए अन्य अतिक्रमणों के खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जाएगी।
20 सितंबर को ‘अमर उजाला’ ने अपनी पड़ताल में नरवाल से झुग्गियां हटाए जाने के बाद कुछ परिवारों के आसपास के इलाकों में पहुंचकर नए ठिकाने तलाशने का खुलासा किया था। इसके महज 13 दिन बाद रहीम नगर की पहाड़ी में नए ढांचे सामने आने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
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रिहायशी इलाके से जंगल तक पहुंचा नया ठिकाना
नरवाल में कार्रवाई के बाद कुछ परिवारों के सामान लेकर आसपास के इलाकों में जाने की जानकारी सामने आई थी। अब आबादी से दूर जंगल में झुग्गियों और पक्के ढांचों का मिलना बताता है कि नए ठिकाने की तलाश वन क्षेत्र तक पहुंच गई थी। कार्रवाई के बाद परिवार और उनका सामान कहां गया, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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सवाल...18 से 20 ढांचे खड़े होने तक कैसे नहीं लगी भनक?
वन भूमि पर 18 से 20 परिवारों के लिए झुग्गियां और पक्के ढांचे तैयार होने के बाद कार्रवाई हुई। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जंगल की पहाड़ी में इतने ढांचे कब तैयार हुए और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी कब मिली। कार्रवाई के बाद आसपास के वन क्षेत्रों और पहाड़ियों में निगरानी बढ़ाना प्रशासन के लिए अहम होगा।
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रहीम नगर के अलावा वन विभाग की जमीन पर बसे और अवैध कब्जेदारों और निर्माण का पता किया जा रहा है। शनिवार को हुई कार्रवाई में 17 झुग्गी और तीन पक्के मकान ध्वस्त किए गए। रोहिंग्या के अलावा इसमें कुछ स्थानीय लोेग भी रह रहे थे। यहां बस्ती बसाकर गलत तरीके से किराया वसूलने वालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग आर्या, डीएफओ