-पुलिस को आशंका तीर्थ सिंह मिलकर चला रहा था नेटवर्क
-दस से बारह लाख रुपये लेकर दिए जाते थे गन लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलिस अधीक्षक (नार्थ) अजय शर्मा ने आशंका जताी है कि आरोपी तीर्थ सिंह ने विभिन्न जिलों में सरकारी कर्मियों और अफसरों के साथ मिलकर फर्जी गन लाइसेंस का नेटवर्क चला रखा था। लाइसेंस के लिए लाखों रुपये का खेल होता है।
एसपी के अनुसार, बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों में लोगों को लाखों रुपये लेकर लाइसेंस दिया जाता है। तीर्थ सिंह के अलावा इस मामले में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
मालूम हो कि अमर उजाला ने पहले ही इस बात का खुलासा कर दिया था कि बरामद किए गए लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज कुपवाड़ा, बारामुला, उधमपुर, राजोरी, डोडा, रामबन आदि जिलों के हैं। यह भी बताया था कि फर्जी गन लाइसेंस में करोड़ों रुपये का खेल हुआ है। अफसरों से लेकर चपरासियों तक के साथ मिलीभगत करके 10 से 12 लाख रुपये में लाइसेंस बेचे जाते हैं। गन डीलर लाइसेंस के नवीनीकरण भी करवाते हैं।
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तीर्थ सिंह का आर्म्ड एंड एम्युनिशन डीलरों से कोई लेना देना नहीं: संजय
गन मैनुफैक्चिरंग एसोसिएशन जम्मू के प्रधान संजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि तीर्थ सिंह का आर्म्ड एंड एम्युनिशन से कोई लेना देना नहीं है। ऐसी गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा को कमजोर करती हैं। जिन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों की वजह जायज लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।