- घटनास्थल पर इंस्पेक्टर की अधिकारिक पिस्टल मिली
- जेकेएपी-7 बटालियन में तैनात थे पुंछ हवेली के गुरदीप सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलिस की जेकेएपी-7 बटालियन में तैनात एक इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत हो गई। मृतक गुरदीप सिंह (50) मूल रूप से पुंछ हवेली के रहने वाले थे और वर्तमान में जम्मू के बठिंडी में रह रहे थे। सूत्रों के अनुसार, वह कुछ दिन से तनाव में थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृह में रखा गया है। वारदात जेकेएपी-7 बटालियन के छन्नी मुख्यालय में बुधवार शाम चार बजे की है।
जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर अपने कार्यालय में थे। शाम करीब चार बजे उनके कमरे से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनकर बाहर मौजूद पुलिस कर्मी अंदर पहुंचे तो देखा कि गुरदीप सिंह खून से लथपथ अपनी कुर्सी पर पड़े हैं। उनके सिर में गोली लगी थी। बटालियन के एएसआई रमेश कुमार ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर इंस्पेक्टर को जीएमसी पहुंचाया, यहां कुछ देर उपचार के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर के कमरे में एक पिस्टल भी बरामद की गई है, जिससे सिर पर गोली चलाई गई। पिस्टल से गोली दुर्घटनावश चली या फिर इंस्पेक्टर ने खुद मारी। इसकी फिलहाल जांच चल रही है। वहीं, वारदात की जानकारी मिलते ही डीएसपी परोपकार सिंह और एसएचओ नीरज चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मौका-ए वारदात से जांच के जरूरी सबूत जुटाए गए है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृह में रखा गया है। डीएसपी परोपकार सिंह का कहना है कि गोली कैसे चली। यह अभी जांच का विषय है।
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लंबे अरसे से जम्मू में रहते थे इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह
जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर गुदरीप सिंह के पिता मोहन सिंह भी पुलिस महकमे में थे। मूल रूप से पुंछ हवेली के रहने वाले गुरदीप लंबे समय से जम्मू में ही रह रहे थे। उनके साथी कर्मियों का कहना है कि बुधवार सुबह वह रूटीन की तरह ही कार्यालय आए थे। इसके बाद क्या हुआ। उनको कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी भी जम्मू में ही रह रही हैं।