जम्मू। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की मौत मामले में जल्द ही पुलिस खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर सकती है, क्योंकि डॉ. चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता की ओर से पहले दिन दिए गए बयान को एसआईटी ने आधिकारिक तौर पर बयान में दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार को जम्मू पहुंचीं डॉ. नीता ने जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. उमेश राय, शिक्षक संघ के सदस्यों और अन्य से मुलाकात की। इसके बाद एसआईटी के सदस्यों से बात की। डॉ. नीता का कहना है कि उनकी विवि प्रशासन और पुलिस से बात हुई है। घटना के दिन को लेकर पूर्व में हुई बातों के बारे में पुलिस ने पूछा है। डॉ. नीता का कहना है कि फिलहाल वह इस स्थिति में नहीं हैं कि ज्यादा कुछ बता सकें।
सूत्रों का कहना है कि यदि डॉ. चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता पुलिस को फिर से बयान देती हैं कि उनके पति को प्रताड़ित किया जाता था और इसकी वजह से उन्होंने आत्महत्या की, तो पुलिस मामले में मरने के लिए उकसाने का केस दर्ज सकती है। हालांकि इस बयान को पुलिस ने आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया है।
सूत्रों का कहना- जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
उधर, सूत्रों का कहना है कि एसआईटी के सदस्यों ने डॉ. चंद्रशेखर के खिलाफ शिकायत करने वाली छात्राओं से भी बातचीत की है। इनके बयान लिए जा रहे हैं, जबकि एसआईटी के लोग इस मामले में अभी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही पुलिस बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
इंसाफ के लिए लंबी लड़ाई लड़ने के लिए भी हैं तैयार
डॉ. चंद्रशेखर के भाई विनोद कुमार का कहना है कि वह इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे। भाई को इंसाफ दिलाने के लिए जितनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी, वह लड़ेंगे, क्योंकि उनके भाई को खुदकुशी के लिए उकसाया गया है। इसके लिए मनोविज्ञान विभाग की एचओडी आरती बख्शी और अन्य लोग जिम्मेदार हैं। इसकी उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए। हालांकि इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है। वह इस इंतजार में हैं कि उनकी तरफ से क्या कार्रवाई होती है।