जम्मू। मां की हसरत थी कि उसका बेटा किसी तरह से दसवीं कक्षा कोे पास कर ले। तो जी भर के अपने बेटे के साथ खुशी मनाएगी। लेकिन वक्त की विडंबना देखिए की बेटा पास तो हो गया, पर खुशी मनाने के लिए वो मां के साथ नहीं है। वीरवार को दसवीं कक्षा का अर्ध वार्षिक परिणाम आया। इस परिणाम में एक स्टूडेंट ऐसा भी पास हुआ है। जो अब इस दुनिया में नहीं है।
बावे तालाब का रहने वाला रितिश चौबर वही छात्र है, जिसकी उसके बर्थडे के दिन ही मौत हो गई थी। बाइक पर जाते वक्त रितिश को एक मिनी बस ने टक्कर मार दी थी। इसमें उसकी मौत हो गई। 18 साल के रितिश ने दसवीं की परीक्षा दी हुई थी। रितिश की मां अनीता उसके पास होने का इंतजार कर रही थी। दोनों मां बेटा आपस में बात किया करते थे कि पास होने पर जमकर खुशी मनाएंगे। लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को जब दसवीं कक्षा का परिणाम आया तो अनीता ने अपने बेटे का परिणाम देखा। इसमें वो पास हो चुका था। यह देखकर अनीता को यह समझ नहीं आया कि वह इस पर हंसे या फिर रोए। कुछ देर के लिए तो उसके चेहरे पर मुस्कान आई, लेकिन इसके बाद वह जोर जोर से रोने लगीं। अनीता हंस से अमर उजाला ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि पहली बार जब रितिश दसवीं में फेल हो गया तो मैंने उसे बहुत जोर से डांटा था। तब उसने मुझसे कहा था कि वह अगली बार जरूर पास हो जाएगा। उसने ऐसा कर भी दिखाया, लेकिन अफसोस इस बात का है कि वो अब साथ ही नहीं। यह भगवान का किस तरह का खेल है। यह कहकर वह जोर जोर से रोने लगीं। रितिश चौबर की दोमाना के पास एक सितंबर को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।