पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठन साजिश के तहत ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। दो तरह के ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुयाडकॉप्टर और हेक्साकॉप्टर ड्रोन इस्तेमाल हो रहे हैं। कुयाडकॉप्टर से सीमा पार की रेकी कराई जा रही है और हेक्साकॉप्टर से हथियारों की सप्लाई। साथ ही हमला भी किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कुयाडकॉप्टर ड्रोन चार स्टैंड वाला होता है और इसमें कुछ वजन उठाने की क्षमता नहीं होती। या फिर इससे एक-दो किलो वजन ही उठा सकता है, जबकि हेक्साकॉप्टर ड्रोन छह स्टैंड वाला होता है, जिसमें पांच से 10 किलो सामग्री उठाने की क्षमता रहती है।
लिहाजा पाकिस्तान पहले छोटे ड्रोन से उन इलाकों की रेकी करा लेता है, जिस जगह पर सप्लाई करनी होती है। रेकी करने के बाद एक रूट बना लिया जाता है। इसी रूट को सप्लाई के लिए बड़ा ड्रोन इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ समय से ऐसा ही हो रहा है। पहले छोटे ड्रोन से रेकी कराई जा रही है और इसके बाद इसकी जानकारी लेकर बड़े ड्रोन से सप्लाई।
बीएसएफ अलर्ट, हर रणनीति से निपटने को तैयार
आतंकी संगठन और पाकिस्तानी दो तरह के ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। छोटे से रेकी करा लेते हैं और बड़े का इस्तेमाल सप्लाई करने में। लेकिन बीएसएफ के जवान पूरी तरह से अलर्ट हैं और दोनों पर ही पूरी नजर है।-प्रवक्ता, बीएसएफ
सीमांत ग्रामीणों को मिलेेगी ड्रोन की जानकारी
बीएसएफ की ओर से बॉर्डर के पास रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी, ताकि जब कभी इस तरह की गतिविधि देखें तो तुरंत बीएसएफ को जानकारी दें। ड्रोन की घटनाएं काफी बढ़ रही हैं। इसमें जितने ज्यादा लोग जागरूक होंगे।