जम्मू। जीएमसी के शवगृह में रिश्वत लेते वायरल हुए वीडियो के आधार पर एक सैनिटरी सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया है। एसोसिएटेड अस्पतालों के प्रशासक नागर सिंह जम्बाल की अध्यक्षता में बनाई गई जांच कमेटी ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि उक्त सुपरवाइजर घटना वाले दिन शवगृह में मौजूद था और भ्रष्ट आचरण में लिप्त पाया गया है। इस मामले में असामाजिक तत्वों के साथ मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन करते हुए एंबुलेंस का रैकेट चलाने के मामले की गहन जांच की भी प्रशासनिक विभाग से सिफारिश की गई है।
कमेटी ने पाया कि वीडियो में उक्त सुपरवाइजर शव की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए तीमारदार से पैसे ले रहा है। सुपरवाइजर कुछ व्यक्तियों से हाथापाई कर गलत गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही थी। इस घटना से संस्थान की छवि भी खराब हुई है। कमेटी ने प्रक्रियात्मक अनियमितताओं और उचित निगरानी की कमी के साथ संबंधित अधिकारियों की ओर से लापरवाही की ओर भी इशारा किया है। इसमें पाया गया है कि अवैध एंबुलेंस के रैकेट से शवों और मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के एवज में तीमारदारों से पैसे वसूले जाते हैं। इसके लिए अस्पताल परिसर में अवैध एंबुलेंसों की रोक की सिफारिश की गई है। मामले को प्रशासनिक विभाग को सौंपने की सिफारिश की है।
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जांच कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर सेनेटरी सुपरवाइजर को निलंबित करके उच्च स्तरीय जांच करवाई जा रही है। अस्पताल परिसर में ऐसी भ्रष्ट गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी मामले में आरोपी पाया गया उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू