डॉ. चंद्रशेखर को खुदकुशी के लिए किसने
किया मजबूर, दो-तीन दिन में उठेगा पर्दा
- एसआईटी ने मामले से जुड़े तमाम लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए
- आरोप लगाने वाली छात्राएं यौन उत्पीड़न के बयान पर टिकीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर को खुदकुशी के लिए किसने मजबूर किया इसका खुलासा एसआईटी दो-तीन दिन में सकती है। एसआईटी ने इस मामले से जुड़े तमाम लोगों से पूछताछ कर बयान भी दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार एसआईटी की शुरूआती जांच में यह सामने आया है कि डॉ. चंद्रशेखर ने खुदकुशी की है, लेकिन इसकी वजह क्या थी, इससे जल्द पर्दा उठेगा।
एसआईटी की टीम ने कैश कमेटी, मनोविज्ञान विभाग की एचओडी, एक अन्य सहायक प्रोफेसर, क्लेरिकल स्टाफ, लैब, डॉ. चंद्रशेखर के खिलाफ शिकायत करने वाली छात्राओं, उनकी पत्नी डॉ. नीता चंद्र, जम्मू विवि के वीसी, रजिस्ट्रार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, मनोविज्ञान विभाग के पूर्व छात्रों से पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की टीम ने चंद्रशेखर के चरित्र के बारे में जितने भी स्टाफ के लोगों और उनके पूर्व छात्रों से बात की है, उनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा है कि वह किस तरह के चरित्र के थे। हालांकि आरोप लगाने वाली छात्राओं ने अपने आरोपों में फिर से कहा है कि उनको यौन उत्पीड़न के लिए तंग किया जाता था।
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पत्नी ने कहा, इंसाफ नहीं मिला तो
सीबीआई जांच की लगाएंगी गुहार
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता का कहना है कि पति ने बेशक खुदकुशी की है, लेकिन इसके लिए उन्हें उकसाया गया। एक साजिश के तहत उनके पति को फंसाया गया और खुदकुशी के लिए मजबूर किया गया, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वह इंतजार कर रही हैं कि एसआईटी अपनी जांच में क्या खुलासा करती है। यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह इसकी सीबीआई जांच की मांग भी करेंगी।